Private School Uniform Rule 2026: Parents के लिए Good News, निजी स्कूल 3 साल तक नहीं बदल सकेंगे बच्चों के यूनिफॉर्म
Bhopal Private School Uniform Rule 2026: भोपाल जिला शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद अब निजी स्कूल फीस और यूनिफॉर्म बदलने में नहीं कर सकेंगे मनमानी, किताबों और यूनिफॉर्म में भी नही होगा स्कूल का नाम.

Private School Uniform Rule 2026: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी स्कूल फीस और हर साल यूनिफॉर्म को बदलने के नाम पर हो रही लूट को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने बेहतर निर्णय लेते हुए निजी स्कूलों पर सख्ती दिखाई है,
जिला शिक्षा विभाग ने यह निर्देश दिया है कि अब किताबों और यूनिफार्म में भी स्कूल का नाम नही होगा. राजधानी भोपाल में 150 निजी स्कूलों को ये निर्देश दिया है और कहा है कि नए सत्र में बच्चों को जो भी किताबें पढ़ाई जाएंगी, उनकी सूची 15 फरवरी तक जमा कराई जाए.
भोपाल के प्राइवेट स्कूलों पर सख्ती
भोपाल में बच्चों के अभिभावकों के लिए खुशी की खबर है. निजी स्कूलों द्वारा यूनिफार्म और फीस के नाम पर हो रही लूट पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती दिखाकर सराहनीय कार्य किया है. Bhoapl के 150 निजी स्कूलों को यह निर्देश दिया है कि नए सत्र में जो किताबें बच्चों को पढ़ाएंगे, उनकी सूची 15 फरवरी तक जमा कराई जाए.
भोपाल में निजी स्कूलों के यूनिफार्म बदलाव पर रोक-Private School Uniform Rule 2026
निजी स्कूलों द्वारा यूनिफॉर्म के नाम पर की जा रही लूट को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सराहनीय कदम उठाया है. जिला शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों में यूनिफॉर्म बदलने पर तीन साल के लिए रोक लगा दी है.
यदि कोई निजी स्कूल इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ धारा 188 के तहत कार्रवाई करते हुए मान्यता रद्द की जा सकती है. जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार ने बताया कि निजी स्कूलों को नए सत्र में पढ़ाई जाने वाली किताबों की सूची
विभाग में जमा करानी होगी. इसके साथ ही स्कूलों को यूनिफॉर्म से जुड़ी पूरी जानकारी भी शिक्षा विभाग को देना अनिवार्य होगा.
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ये हैं निर्देश
- निजी स्कूल तीन साल तक यूनिफॉर्म (Bhopal Private School Uniform Rule 2026) में कोई बदलाव नहीं कर सकेंगे.
- यूनिफॉर्म और किताबों पर स्कूल का नाम नहीं लिखा होगा.
- दुकानों पर स्कूल की किताबें नहीं बिकेंगी. नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित दुकान का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा.
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- परिवहन शुल्क शासन के निर्देशों के अनुसार ही लिया जाएगा.
- नए सत्र में पढ़ाई जाने वाली किताबों की सूची 15 फरवरी तक, प्रकाशक के नाम के साथ, विभाग में जमा कराना अनिवार्य होगा.
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